हरियाणा में टूटा बीजेपी-जेजेपी गठबंधन, सीएम खटर ने दिया इस्तीफ़ा

चंडीगढ़- चुनाव से पहले हरियाणा में बीजेपी और जेजेपी के गठबंधन पर टूट गया है। इसकी वजह लोकसभा सीटों पर सहमति न बन पाना माना जा रहा है. कल (सोमवार) जेजेपी के राष्ट्रीय महासचिव डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की. कुछ देर बाद सीएम मनोहर लाल खट्टर ने रात में अचानक आपात बैठक बुलाई। इसमें पार्टी के सभी मंत्रियों और विधायकों के अलावा सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों को भी बुलाया गया था. यहां रात में चर्चा के बाद सीएम ने मंगलवार सुबह 11 बजे फिर सभी मंत्रियों और विधायकों की बैठक बुलाई।

सीएम ने मंत्रियों संग सामूहिक इस्तीफा दिया

राजभवन पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर ने अपने मंत्रिमंडल के साथ सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि दोपहर 1 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

जेजेपी लोकसभा चुनाव के लिए 2 सीटों-हिसार और भिवानी-महेंद्रगढ़ की मांग कर रही थी, लेकिन बीजेपी कोई भी सीट देने के पक्ष में नहीं थी। 2019 में बीजेपी ने सभी 10 सीटों पर जीत हासिल की थी. 2014 में दुष्यंत चौटाला ने हिसार से जीत हासिल की थी.

जेजेपी ने स्पष्ट कर दिया था कि वे लोकसभा में दो सीटों पर चुनाव लड़ेंगे या फिर अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। अभी दो दिन पहले ही बीजेपी के हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था क्योंकि उन्हें डर था कि उनकी सीट जेजेपी के खाते में जा सकती है.

बीजेपी ने आज हरियाणा जाने के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को तैनात किया है.

सिरसा विधायक और अध्यक्ष-हरियाणा लोकहित पार्टी, गोपाल कांडा ने विकास की पुष्टि की और कहा कि गठबंधन (बीजेपी-जेजेपी) लगभग टूट गया है। “लोकसभा चुनाव में बीजेपी सभी 10 सीटें जीतेगी। जेजेपी के बिना भी हरियाणा सरकार बनी रहेगी और सभी स्वतंत्र उम्मीदवार बीजेपी का समर्थन करना जारी रखेंगे।”

हरियाणा के नीलोखेड़ी से निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदर ने कहा कि वह पहले ही बीजेपी को समर्थन दे चुके हैं. “सीएम के साथ बैठक में, हमने निर्वाचन क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की। हमने गठबंधन (बीजेपी-जेजेपी) के बारे में कोई चर्चा नहीं की।” 2019 में हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद जेजेपी ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया.

 क्या बीजेपी सरकार गिरने का खतरा है?

नहीं, बीजेपी के पास बहुमत की ताकत है. हरियाणा में 90 विधानसभा सीटें हैं. इनमें बीजेपी के 41, कांग्रेस के 30, जेजेपी के 10, इनेलो का 1, एचएलपी का 1 और 7 निर्दलीय शामिल हैं. बहुमत के लिए 46 सीटें चाहिए.

वर्तमान में, बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार में 41 बीजेपी सदस्य, 10 जेजेपी सदस्य और एक स्वतंत्र रणजीत चौटाला सरकार शामिल है।

अगर जेजेपी गठबंधन तोड़ती है तो बीजेपी को 41, 7 निर्दलीय और एक हलोपा विधायक का समर्थन हासिल है. ऐसे में बीजेपी को बहुमत के आंकड़े 46 से 3 सीटें ज्यादा मिल रही हैं.

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